Monday, August 6, 2012

भोलू तेली गांव में, करे तेल की सेल




भोलू तेली गांव में, करे तेल की सेल
गली-गली फेरी करे, तेल लेउ जी तेल
तेल लेउ जी तेल, कड़कड़ी ऐसी बोली
बिजुरी तड़कै अथवा छूट रही हो गोली
कह काका कवि कछुक दिना सन्नाटौ छायौ
एक साल तक तेली नहीं गाम में आयौ
 मिल्यौ अचानक एक दिन मरियल बाकी चाल
काया ढीली पिलपिली, पिचके दोऊ गाल
पिचके दोऊ गाल, गैल में धक्का खावै
तेल लेउ जी तेल, बकरिया सा मिमियावै
पूछी हमने यह क्या हाल है गयौ तेरौ
तेली बोला काका ब्याह है गयौ मेरौ...।
- काका हाथरसी



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