Saturday, July 5, 2008


ये कई साल पुराना फोटो है। ताज महल के मुख्य टॉम की सफाई के लिए बल्लिया लगे गई थी।

जिन्दगी

जिन्दगी दर्द भी है, राहत भी

मौत एक वहम है, हकीकत भी

यूँ तो कहने को यह एक पहेली है

सच पूछो तो जिन्दगी मौत की सहेली है।

जिन्दगी पतझड़ है बसंत भी

यह एक महका हुआ चमन भी

यूँ तो कहने को यह एक दिखावा है

सच पूछो तो यह एक खुबसुरत छलावा है।

जिन्दगी खुश है, जिन्दगी उदास भी

यह तो सुख दुःख का मिलाप भी

यूँ तो कहने को यह एक समस्या है

सच पूछो तो यह जिन्दगी एक तपस्या है।

जिन्दगी मांग है बलिदान भी

यूँ तो कहने को यह एक darpad bhi

सच पूछो तो जिन्दगी समर्पद भी

जिन्दगी चुनोती है vikharab bhi

यह एक sanghash है dahrav भी

यूँ तो कहने को यह एक nyauta है

सच पूछो तो जिन्दगी एक samjhauta है

... एक अधूरी कहानी