Saturday, August 27, 2011

12 दिन से अनशन पर बैठे गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। अन्ना ने कहा कि मैं कल यानी रविवार की सुबह 10 बजे अपना अनशन समाप्त कर दूंगा। अन्ना ने अनशन समाप्त करने की घोषणा करते समय ये भी कहा कि जनलोकपाल की ये आधी जीत हुई है। अभी पूरी जीत बाकी है। अन्ना ने कहा कि ये जीत देश की आम जनता और इस आंदोलन में जुटे हर वर्ग, आयु, क्षेत्र के लोगों की जीत है। अन्ना ने कहा कि मुश्किलें झेलना कठिन होता है लेकिन जश्न मनाना भी कठिन होता है। जश्न मनाने का मौका है, जश्न मनाएं लेकिन पूरी शांति के साथ। जश्न के दौरान शांति भंग नहीं करना है। अन्ना ने कहा कि देशभर में कई जगह लोग अनशन पर बैठे हैं। उनसे मेरी प्रार्थना है कि वे अनशन तोड़ दें और सुबह रामलीला मैदान पहुंचें। मैं उनके हाथ से ही अनशन तोड़ूंगा। अन्ना ने लोकपाल की शर्तों पर सहमति बनाने के लिए सांसदों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं। अन्ना के आंदोलन और लोकपाल पर संसद में शुरू हुई महाबहस का सार आम आदमी की जीत के रूप में दिखाई दे रहा है। अन्ना के अनशन का 12वां दिन देश का इतिहास बदलता दिखाई दिया। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों ने अन्ना की शर्तों पर कुछ शर्तों के साथ अपनी सहमति दे दी। लोकसभा में सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को लोकपाल के मसले पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज चौराहे पर खड़ा है। उन्होंने सदन से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रभावी लोकपाल के मुद्दे पर संवैधानिक दायरे में रहते हुए व्यावहारिक और निष्पक्ष चर्चा करने की अपील की।

अन्नागिरी

टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने  कहा है कि सभी हिन्दुस्तानी हमेशा अन्ना टोपी साथ रखें और कोई आपसे घूस मांगे तो उसे यह गिफ्ट करें। उन्होंने कहा कि अन्ना टोपी को आइडेंटिटी कार्ड बना लेना चाहिए। उन्होंने समर्थकों को हिदायत दी कि अन्ना टोपी पहनकर दादागीरी मत करना। अगर यह टोपी पहनते हो तो हमेशा अन्नागीरी करो। उन्होने रामलीला मैदान में मौजूद अन्ना समर्थकों से कहा कि आप यहां से संकल्प लेकर जाएं कि निजी जीवन में किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि आप न घूस देंगे और न घूस लेंगे और अगर कोई रिश्वत मांगे तो आप उसे अन्ना टोपी गिफ्ट करें और उसे अन्नागीरी की सीख दें। उन्होंने कहा कि आप अन्ना अन्ना की टोपी को हमेशा अपने बैग में रखें और कहीं भी अन्याय हो तो वहां आप अन्नाय करनेवाले को अन्ना की टोपी गिफ्ट करें। उन्होंने यह भी कहा कि आप दफ्तर में जाएं और वहां आपको ईमानदार अफसर मिले और आपका काम जल्दी कर दे तो उसको भी अन्ना की टोपी गिफ्ट करें और कहें मैं भी अन्ना तू भी अन्ना। इस तरह से आप ईमानदार अफसरों का मनोबल बढ़ा सकते हैं।