Saturday, July 12, 2008



ये २१वीं सदी की सच्चाई। जहाँ आज भी बच्चे मौत के साये में क ख ग सीख रहे हैं। सत्तासीनों को शायद इसकी कोई परवाह नहीं। ये इंडिया की नहीं बल्कि भारत की सच्चाई है। फाइव स्टार में बैठ कर बनाई गई नीतियों की हकीकत है।

1 comment:

kapil kumar said...

haan! rajeev ji wakai bahut achhi tasveer hai. ye sarkaar ke har dave ko taa-taar karti hai.

-kapil
meerut