Thursday, July 10, 2008


ये हिंदुस्तान है मेरी जान। यहा ताज की कशिश है तो तपता रेगिस्तान। यंहा समुद्र की मौज है तो वादियों की बहार भी।

1 comment:

Udan Tashtari said...

Swagat hai. Niymit likhiye, Shubhkamana.